दुबई में सोना इतना सस्ता और शुद्ध क्यों मिलता है? जानिए इसके पीछे का पूरा सच!
1. दुबई की धरती से तेल निकलता है, सोना नहीं!
सबसे पहली और मजेदार बात जो आपको जाननी चाहिए, वो यह है कि दुबई की अपनी जमीन के नीचे सोने का कोई खदान नहीं है। वहाँ से तेल तो खूब निकलता है, लेकिन सोने की कोई खदान नहीं है। दुबई खुद अपने देश में एक रत्ती भी सोना जमीन से नहीं निकालता। तो फिर यहाँ इतना सोना कहाँ से आता है?
2. कहाँ से आता है दुबई में इतना सोना?
दुबई खुद सोना नहीं बनाता, बल्कि वह पूरी दुनिया से सोना खरीदता है। इसके मुख्य रूप से दो बड़े रास्ते हैं:
अफ्रीका के देशों से कच्चा सोना (Raw Gold): दुबई सबसे ज्यादा कच्चा ओर अनछुआ सोना (Raw Gold) अफ्रीका के देशों जैसे घाना, सूडान, और तंजानिया से आयात (Import) करता है। यहीं की खदानों से निकला सीधा सोना दुबई पहुँचता है।
पूरी दुनिया का पुराना सोना (Recycled Gold): पूरी दुनिया से लोग और कंपनियाँ अपना पुराना सोना गलाने और रिसाइकल करने के लिए दुबई भेजते हैं।
जब यह सब सोना दुबई पहुँचता है, तो वहाँ की दुनिया की सबसे आधुनिक 'गोल्ड रिफाइनरियों' में इसे पिघलाकर शुद्ध 24 कैरेट के बिस्कुट और ईंट (Bars) बनाई जाती हैं। इसके बाद, भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बेहतरीन कारीगर इस सोने से ऐसी खूबसूरत डिजाइन तैयार करते हैं, जो पूरी दुनिया में कहीं और नहीं मिलती।
3. दुबई में सोना इतना सस्ता क्यों है? (असली खेल)
अब आते हैं सबसे जरूरी बात पर कि आखिर दुबई में रेट कम क्यों होता है? इसके पीछे 3 सबसे बड़े कारण हैं:
टैक्स की भारी छूट (No Import Duty): जब भारत या बाहर से सोना जाता है, तो सरकार उस पर भारी टैक्स (इंपोर्ट ड्यूटी) लगाती है, जिससे भारत में सोने के दाम बढ़ जाते हैं। लेकिन दुबई में कच्चा सोना मंगाने पर सरकार कोई टैक्स नहीं लेती। टैक्स न लगने की वजह से यहाँ शुरुआती कीमत बहुत कम हो जाती है।
टूरिस्टों को टैक्स की वापसी (VAT Return): दुबई में सोने के गहने पर सिर्फ 5% का वैट (VAT) लगता है। लेकिन अगर आप यहीं नहीं ठहर रहे (जैसे भारत से घूमने गए यात्री) के रूप में जा रहे हैं, तो दुबई सरकार एयरपोर्ट पर वापस आते समय आपको 5% टैक्स भी वापस रिफंड (वापस) कर देता है। यानी आपके लिए टैक्स बिल्कुल जीरो!
थोक का बाजार (Wholesale Market): जैसे हम किसी थोक बाजार से सामान लें तो वो सस्ता मिलता है, वैसे ही दुबई पूरी दुनिया के लिए सोने का थोक बाजार है। यहाँ रोज टन के हिसाब से सोने का व्यापार होता है, जिसके कारण वही मेकिंग चार्ज (गहने बनाने की फीस) पर भी काफी छूट मिल जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
तो सीधा सा हिसाब यह है कि दुबई अपनी चालाकी, बेहतरीन रिफाइनरी और जीरो टैक्स पॉलिसी की वजह से पूरी दुनिया का "गोल्ड हब" बना हुआ है। खदान न होने के बाद भी यह पूरी दुनिया को सबसे शुद्ध और सस्ता सोना बेचता है। यही कारण है कि दुनिया भर के लोग दुबई के "गोल्ड हब" (सोना बाजार) से खरीदारी करना अपनी पहली पसंद मानते हैं।
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